दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किये गयें रजनीकांत
- by Admin (News)
- Apr 02, 2021
साउथ सिनेमा व बॉलीवुड फिल्म के चहेते अभिनेता रजनीकांत को भारतीय सिनेमा का सबसे प्रतिष्ठित अवार्ड "दादा साहब फाल्के पुरस्कार" से सम्मानित किया गया है | "दादा साहब फाल्के पुरस्कार" का यह 51 वां वितरण है |
केन्द्रीय सूचना व प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने गुरुवार की इसकी घोषणा की है | कोरोना महामारी को लेकर सभी पुरस्कारों में इस बार विलम्ब हुआ है | हाल हीं में नेशनल अवार्ड की भी घोषणा की गई है |
पिछली दफा 50 वां पुरस्कार से महानायक अमिताभ बच्चन को नवाजा गया था | रजनीकांत की पहली हिंदी फिल्म "अँधा कानून" महानायक अमिताभ बच्चन व ड्रीम गर्ल कही जानेवाली अभिनेत्री हेमा मालिनी के संग पर्दें पर काफी धूम मचाया और देखते हीं देखते बन गए हिंदी फिल्म जगत के सुपर स्टार और करोड़ों दिलों की धड़कन बनकर आज तक अपनी विभिन्न अदाओं को बरकरार रखते हुए एक्टिंग का लोहा मनवाते आ रहे हैं और देखा जाये तो इधर बॉलीवुड में अमिताभ बच्चन तो साउथ में रजनीकांत आज भी दर्शकों का वहीं प्यार पा रहे हैं जो पहले पाते थे | कहीं भी कोई कमी नहीं आई है , न दर्शक में , न सेलिब्रेट में |
रजनीकांत का साउथ फिल्मों में अपना एक अलग हीं धाक है और उन्हें फिल्म में लेने के पहले प्रोडूसर को हजारों दफा सोंचना पड़ता है और हर फिल्म पर्दों पर धूम मचाती हुई सुपर साबित होती है |
इस पुरस्कार का सलेक्शन ज्यूरी द्वारा किया गया है जिसमें आशा भोंसले , शंकर महादेवन , सुभाष घई , मोहन लाल , विश्वजीत चटर्जी आदि दूरदर्शी कलाकारों ने किया है |
कहते हैं ऐसे महान कलाकार या सपूतों का लक्षण पालने में पता चल जाता है लेकिन ! सूचना के आधार पर रजनीकांत का लक्षण पालने में नहीं पता चला इनका यह लक्षण उनके मित्र राज बहादुर की पैनी दृष्टि में नजर आयी और उन्होंने इनके अन्दर छुपे अदा व सपने को धरती पर चाँद सितारों से सजाने के लिए "मद्रास फिल्म एकेडमी" में दाखिला लेने को प्रेरित किया | राय बहादुर ने हीं रजनीकांत के दिलों पर एक्टिंग को पर्दें पर लाने हेतु पंच मारी थी और उसका नतीजा साफ़ दिखाई पर रहा है की आज वहीं रजनीकांत अपनी एक्टिंग का इन्द्रधनुषी रंग व खुशबू अपने देश में बिखेर रहे हैं | उन्हें मिले इस सम्मान से पूरा देश गौरवमय हुआ है |
जीवन के संघर्ष में रजनीकांत को न जाने कितने लोग अपना आदर्श व प्रेरणा मानते हैं और आरंभिक दौड़ से जब से उन्होंने होश संभाला हैं , दुखों के पहाड़ व रास्ते से , फ़िल्मी कहानी की तरह हकीकत में चीरते हुए अँधेरे को हटाया है और रौशनी की एक गुलाबी सुखद किरण सिर्फ अपने जीवन में हीं नहीं बल्कि देश में बिखेरा है |
भारत में न जाने ऐसे कितने सपूतों ने जन्म लिया है जिससे अपनी धरती बाग़ बाग़ है और ऐसे फूलों की खुशबू पुरे विश्व में फैलकर अपने भारत को और भी ज्यादा रौनकमय बनाती है |
रजनीकांत आपको मुबारक यह सम्मान |
नोट :- "दादा साहब फाल्के पुरस्कार" भारत सरकार की तरफ से दिए जाने वाला एक सम्मानित वार्षिक फिल्म पुरस्कार है जो किसी व्यक्ति विशेष को उनके आजीवन योगदान के लिए दिया जाता है | इस पुरस्कार का आरंभ 1969 से हुआ | उस वर्ष राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार के लिए आयोजित 17 वें समारोह में पहली बार यह पुरस्कार अभिनेत्री देविका रानी को प्रदान किया गया था |भारत सरकार के सूचना और प्रसारण मंत्रालय के फिल्म समारोह निदेशालय द्वारा राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के साथ दिया जाता है | ........ ( न्यूज़ :- भव्याश्री डेस्क )

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