महंत नरेन्द्र गिरी की मौत के बाद , गिरफ्तार शिष्य आनंद गिरी के ऐय्याशी का राज सामने आया | Bhavyashri News
- by Admin (News)
- Sep 22, 2021
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद् के महंत नरेन्द्र गिरी की संदिग्ध हालत में मौत से पूरा देश आचम्भित है |
इनके शिष्य आनंद गिरी के खिलाफ मुक़दमा दर्ज किया जा चूका है | इनपर IPC की धारा 306 लगाया गया है | यह धारा आत्महत्या के लिए उकसाने का है | यह मुक़दमा नरेन्द्र गिरी के शिष्य अमर गिरी महाराज ने दर्ज कराई है | फिलहाल आनंद गिरी पुलिस की हिरासत में है |
उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि - इस मौत के जिम्मेदार को माफ़ नहीं किया जाएगा | उन्होंने भरी सभा में एलान किया है कि - इस घटना का पर्दाफाश बहुत जल्द सामने आएगा |
साथ हीं यूपी के हीं डिप्टी CM केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है - अगर जरुरत पड़ी तो इस मामले में CBI द्वारा जांच के आदेश भी दिए जायेंगे | दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जायेगी | अखाड़ा परिषद् जो भी जाँच के लिए कहेगी , सरकार इस मांगों को पूरी करगी | अपना मुंह नहीं मोड़ेगी , चाहे कुछ भी हो |
देखा जाए तो आनंद गिरी नरेन्द्र गिरी के बहुत हीं परम प्रिय शिष्य कहे जाते रहे है | आखिर ऐसा क्या कारण हो गया ? जिसमे नरेन्द्र गिरी ने अपने शिष्य पर सुसाईड करने का आरोप लगाया है |
आनंद गिरी अपने गुरु नरेन्द्र गुरु के पाँव को थाल में रखकर अक्सर प्रेम से धोया भी करते थे | इस प्रेम का मतलब था कि - वे इनके उतराधिकारी बनने की बात भी कई बार सबके सामने रख दी , जिससे नरेन्द्र गिरी नाराज हो जाया करते थे | जब बात नहीं बनी तो उन्होंने गुरु के खिलाफ मोर्चा खोल दिया और प्रधानमंत्री एवं गृहमंत्री को उनके जमीन बेचने और धन को अपने परिवार पर खर्च करने की बात लिखकर शिकायत भी कर दी थी |
इसके बाद वहां के लोगों ने इस दूरियों को मिटाते हुए दोनों को मिलवा दिया | जिसका विडियो भी सामने आया था , जिसमे आनंद गिरी अपने गुरु के चरणों पर सर रखकर माफ़ी माँगते हुए दिखाई पड़े और कहा कि - गुरु भगवान की तरह होते है | मैंने जो भी बातें या अपशब्द कहा उसे मै वापस लेता हूँ |
एक तस्वीर हम आपको दिखा रहे है , इस तस्वीर को देखकर हमें महाभारत के दुर्योधन की याद आ गई | नरेन्द्र गिरी ने उन्हें अपने मठ से निष्कासित कर दिया , इस बात से वे नाराज हुए | आनंद गिरी को छोटे महाराज नाम से भी लोग संबोधित करते है |
नरेन्द्र गिरी की संदिग्ध हालत में मौत का कारण 7 पन्नों के सुसाईड नोट में दर्ज है | अब पन्ना पलटने वाला है | पुरानी जीतनी सारी बातें दब गई थी , वे सभी खंगाले जायेंगे | जिसमे एक महत्वपूर्ण कारण सामने रौशनी में चमकता हुआ नजर आ रहा है | वह है - आनंद गिरी की हाई प्रोफाइल जिंदगी जीने का शौक़ीन होना |
गेरुवा चोला के पीछे का सच क्या है ? यह बहुत जल्द उबलती हुई चाय से पत्ती को छान लिए जायेंगे , जिससे की कलर साफ़ नजर आने लग जाएगा | जिसमे 2019 में आस्ट्रेलिया में आनंद गिरी के द्वारा महिला के साथ छेड़छाड़ को लेकर जेल जाना भी दर्ज होगा | जिससे गेरुवा चोला और मठ को काफी धक्का लगा था , बावजूद नरेन्द्र गिरी ने आनंद गिरी को जेल से रिहा करने में मदद की थी |
खैर ...... एक बार फिर गुरु नरेन्द्र गिरी के सहृदय होने का दंड , आनंद गिरी उनकी मौत का कारण बन तत्काल पुलिस की गिरफ्त में है | इससे पहले उनकी हाई प्रोफाइल जिंदगी की कुछ तस्वीरें हम आपके सामने रख रहे है , जिसे देखकर आपको समझ में आ जायेगा कि - यह जिंदगी साधुओं का होता है या फिर ऐय्याशी खोर का |
फोटो :- ZEE न्यूज़ के सौजन्य से
दुबई में यह तस्वीर , जिसे देखकर ऐसा लग रहा है मानो किसी अभिनेता या मॉडल का हो | लाजवाब रूप में दिख रहे हैं आनंद गिरी |
इस तस्वीर में अपने हाथ में बांज को उठाये हुए हैं |
विदेशों में घूमना उन्हें खूब पसंद है , जिसमे समुन्द्र किनारे सैर करना , वहां की मस्ती , आवो हवा लेना उन्हें खूब पसंद रहा है |
यह है सिडनी हर्बल ब्रिज , यहाँ इनकी खुशमिजाजी को आँका जा सकता है | महँगी गाड़ी , चश्मा , घड़ी का कलेक्शन देखा जा सकता है इनके पास |
नरेन्द्र गिरी ने बार - बार समझाने की कोशिश की थी | अक्सर नरेन्द्र गिरी उन्हें टोका करते थे , परन्तु आनंद गिरी पर उनकी बातों का कोई परवाह नहीं पड़ा | आनंद गिरी की नज़रे नरेन्द्र गिरी की पदवी पर भी टिकी थी |
रामचरित मानस में भगवान राम चन्द्र जी ने माता सीता से कहा था - ऐसा कलयुग आएगा , हंस चुनेगा दाना / तिनका , कौआ मोती खायेगा |
आज आनंद गिरी की ऐय्याशी को देखकर यहीं लगता है कि - यह साधू - संत की जिंदगी नहीं बल्कि ....... ! जैसे कि - राम रहीम , आशाराम बापू आदि ऐसे कितने हीं नाम दर्ज है , जो की अभी हिरासत के पीछे अपनी चोली के रंग को खंगाल रहे हैं | गेरुवा रंग के भीतर के ऐय्याशी को छुपाकर स्वयं को संत और भगवान के करीबी बताकर ये श्रद्धालुओं को कितना बेवकूफ बनाते रहे है | श्रद्धालुगण धन चढ़ाते है तो सिर्फ भगवान के प्रति अपनी आस्था रखकर | मगर इनकी आस्था तो कोसों दूर है | ऐसे मुट्ठीभर साधू - संत पुरे समुदाय को बदनाम करके अपने पवित्र नाम को खोखला कर रहे हैं , जो बर्दाश्त नहीं किया जायेगा |
अब
इनकी हर कोशिश शायद नाकाम साबित होगी ! अब तक ये अपनी बचाव में बहुत सारी
बातें पुलिस के समक्ष रखी है | परन्तु ऐसी तस्वीरें जो ऐय्याशी की साक्ष्य
और सबूत पेश करती नजर आ रही है | इसपर आखिरकार आनंद गिरी का क्या जवाब होगा
? ........ ( न्यूज़ / फीचर :- भव्याश्री डेस्क )
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