ED द्वारा शारदा चिट फंड घोटाले में TMC के तीन लोगों की संपति कुर्क
- by Admin (News)
- Apr 04, 2021
पश्चिम बंगाल में विधान सभा चुनाव आरंभ हो चूका है , इस बीच प्रवर्तन निदेशालय ने शारदा चिट फंड मनी लोंड्रिंग मामले में फिर एक बड़ी करवाई की है | जैसा की शारदा चिट फंड मनी लोंड्रिंग में अब तक 600 करोड़ रुपये मूल्य की संपति कुर्क की जा चुकी है , ऐसे में तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता कुणाल घोष , सांसद सतबदी राय और देवजानी मुखर्जी की तीन करोड़ रुपये की संपति ED ने अटैच की है |
ED ने यह कारवाई बीते शनिवार को किया है | मालूम हो कि शारदा चिट फंड में सम्मलित तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा के पूर्व सदस्य कुणाल घोष जो ( मीडिया समूह शारदा के CEO ) TMC की सांसद सतबदी राय ( शारदा की ब्रांड एम्बेसडर ) , और शारदा कंपनी समूह में निदेशक देवजानी मुखर्जी की संपति जप्त की गई है | यह इसलिए की धनशोधन निवारण कानून के तहत चल एवं अचल संपति को कुर्क करने का अस्थायी आदेश जारी किया गया था | 600 करोड़ के मूल्य की संपति कुर्क करने के बाद अब आगे का रुख अख्तियार किया जा रहा हैं | इसलिए की अनुमान किया जा रहा है कि 10 हजार करोड़ रुपया से अधिक का घोटाला किया गया है |
ED ने CBI की प्राथमिकी की आधार पर मामला दर्ज किया था | 2013 से हीं ED ने इस घोटाले की जाँच में तेजी से कदम बढ़ाया है | 2013 में कथित पार्टी विरोधी गतिविधि में संलिप्त घोष को पार्टी से निलंबित भी कर दिया गया था और घोष जेल की सलाखों के पीछे कैद भी किये गए | फिलहाल वे जमानत पर बाहर है |
यह घोर आश्चर्य की बात है की शारदा घोटाला भारत के पश्चिम बंगाल राज्य का एक बहुत बड़ा आर्थिक और राजनितिक घोटाला है | चूकि पूर्व में CBI ने अपनी रिपोर्ट में ममता बनर्जी का नाम शामिल किया था | CM राहत कोष से टीवी के कर्मचारियों को नियमित रूप से 23 महीने तक भुगतान किया गया है | तारा टीवी शारदा समूह के हिस्से के रूप में जाँच के दायरे में था | मई 2013 से अप्रील 2015 के बीच करीब 27 लाख रुपये प्रति माह नियमित राशि प्रतिमाह भुगतान किये गए , इसपर गौर करने की बात है की तारा टीवी कर्मचारी कल्याण संघ को कुल राशि 6.12 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया अब जब सारे दावे गलत ठहरा दिए गए तो एक प्रश्न फिर से दौड़ता है की विधान सभा चुनाव के दौड़ में ED की ये खटखटाहट शारदा चिट फंड के आँगन में किस तरह का गुलाल खेलेगी , फिलहाल यह मौका उस दौड़ से गुजर रहा है जहाँ पर जीत और हार का लेवल हर चहरे पे चिपका नजर आ रहा है | एक चेहरे को क्लीन होकर सामने आना है और किसका चेहरा कितना रंग हटा पायेगा यह तो जनता हीं तय करेगी और आने वाले लोकसभा चुनाव का रिजल्ट बताएगा की पश्चिम बंगाल के पानी का रंग कितना सुनहला और कितना रुपहला है | ......( न्यूज़ :- भव्याश्री डेस्क )

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