महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री द्वारा गैर जरुरी दुकानों पर पाबंदी को लेकर व्यापारी संघ का कड़ा विरोध
- by Admin (News)
- Apr 08, 2021
महाराष्ट्र सरकार ने कोरोना संक्रमण की रोक थाम व लोगों की सुरक्षा व्यवस्था पर अपनी पैनी दृष्टि डालते हुए 30 अप्रील तक सभी गैर जरुरी दुकानों को बंद करने का फैसला सुनाया है जिसका व्यापारियों द्वारा कड़ा विरोध किये जाने व पाबंदियों को वापस लेने की अपील है |
मुख्यमंत्री उर्द्धव ठाकरे ने गैर जरुरी दुकानें :- मॉल , मार्केट आदि को 30 अप्रील तक बंद रखने का निर्णय लिया है परन्तु महाराष्ट्र के व्यापारीगण इस फैसले को वापस लेने के लिए कदम बढ़ाया है | फेडरेशन ऑफ़ असोसिएशन ऑफ़ महाराष्ट्र जिसके दो लाख से ज्यादा छोटे व्यापारी मेम्बर है , उन्होंने मुख्यमंत्री को अपना रुख मोड़ते हुए इस निर्णय को वापस लेने को कहा |
सूचना के आधार पर इस असोसिएशन के प्रेसिडेंट विनेश मेहता ने कहा है कि :- पिछले वर्ष के लॉकडाउन से हम अभी उबरे भी नहीं है और ऐसे में अगर पुनः पाबंदियां लागू कर दी गई तो छोटे - छोटे कारोबारी पूरी तरह विलीन हो जायेंगे | परिस्थिति को देखते हुए व्यापारी असोसिएशन ने यह फैसला लिया है कि अगर मुख्यमंत्री उनकी बातों को नहीं मानेंगे , तो उनके निर्णय का विरोध किया जायेगा | व्यापारीसंघ का विरोध गुरुवार से शुरू होगा | संघ के उपअध्यक्ष जीतेन्द्र साह ने कहा है कि :- व्यापारियों को सैलेरी , टैक्सेज , GST , किराया आदि भी देना होता है , वे कहाँ से लायेंगे पैसा ? इसलिए किसी भी हाल में हमारा विरोध कायम रहेगा |
पूर्व मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने मुख्यमंत्री को एक पत्र में सुझाव दिया यह सिर्फ एक अलग नाम से लॉकडाउन है इसके कारण घोषणा को वापस लेना चाहिए वहीं मनसा चीफ राज ठाकरे ने बीते दिन प्रेस कांफ्रेंस में कहा है कि गैर जरुरी दुकानों को कम से कम दो तीन दिन तक खुला रखने की अनुमति देनी चाहिए | व्यापारी संघ द्वारा गुरुवार को होनेवाला विरोध के परिणाम को देखते हुए पुनः नॉन कॉपरेशन मूवमेंट भी शुरू करने की तरफ कदम बढ़ाने की योजना है जिसमे दुकानों व दुकानदारों के टैक्सेज नहीं देंगे | व्यापारी संघ ने वित्तमंत्री व विधायकगण से इस मुद्दे पर संवाद जारी रखा जिसमे अभी कोई संकेत नहीं मिलें हैं |
मालूम हो कि मंगलवार से यह पाबंदी लागू है वहीं दुकान खुला रखने पर पुलिस ने अपनी शक्ति का भरपूर उपयोग कर उसे बंद भी कराया है | ऐसे में सतारा , नागपुर , मुंबई में इस पाबंदी को लेकर दुकानदार विचलित है | सवाल है उनकी रोजी रोटी व स्वतंत्रता का , तो सदियों से नापसंद आने वाली पाबंदियों पर आंदोलन होता रहा है और कई कठिन परिस्थिति पर आक्रोश में आकरे लोग उछाल लेते रहे हैं | कुछ समझकर कुछ नासमझी में |
मुख्यमंत्री उर्द्धव ठाकरे क्या करें और क्या न करें , अधेरबुन में हैं | उन्होंने ऐसा नियम व पाबंदी लगाईं तो वह कोरोना महामारी से राज्य को सुरक्षित रखने के लिए लगाईं है | मगर राज्य के ऐसे समूहगण इसक कड़ा विरोध करेंगे तो माहौल को देखकर ऐसा लगता है की यह पाबंदी ज्यादा दिनों तक बरक़रार नहीं रह पायेगा | परंतु इसे बरकरार रखने के लिए सख्ती भी बढ़ा दी गई है , परिणाम चाहे जो हो मगर एक तरफ व्यापारी संघ की बाते भी सौ फीसदी सच के कगार पर है , वहीं राज्य के मुख्यमंत्री की घोषणा और पाबंदी भी राज्य में उत्पन्न कठिन परिस्थिति को देखते हुए जारी की गई है | अब देखना है तराजू का पलरा किस ओर झुकता है |
व्यापारियों द्वारा अपनी अपनी दुकानों में काले रंग के बैंड और मास्क पहनकर आने और विरोध में कदम आगे बढ़ाने के उद्देश्य को कहाँ तक सफलता मिलेगी अभी कुछ कहा नहीं जा सकता | ....... ( न्यूज़ :- भव्याश्री डेस्क )

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