महाराष्ट्र में ब्रेक द चैन मुहिम आरंभ , एक बार फिर ! मुंबई सन्नाटे में
- by Admin (News)
- Apr 14, 2021
महाराष्ट्र में आज रात 8 बजे से सख्त पाबंदियां लगा दी गई है जो 1 मई के सुबह 7 बजे तक जारी रहेगा | इस पाबंदियों को लॉकडाउन का नाम भले हीं न दिया गया हो मगर ! ये सख्त पाबंदियां लॉकडाउन से कम भी नहीं है |
इसलिए बाहर से आये मजदूरों को फिर से वही डर सताने लगा है जो पिछले वर्ष 2020 में लॉकडाउन होने से हुआ था | ट्रेन नहीं चलने से कई गुणा ज्यादा रुपये बस , ट्रक अन्य वाहनों को दे देकर जाना आरम्भ कर दिया था और भारी संख्या में लोग पैदल भी निकल पड़े थे और इस बीच न जाने कितने लोगों की जान भी चली गई |
अब ! फिर वहीं डर बीते शाम 8:30 बजे मुख्यमंत्री उर्द्धव ठाकरे द्वारा जारी घोषणा से हुआ है , उससे ऐसा लगने लगा है कि 1 मई के बाद कहीं लॉकडाउन न हो जाये , जो हो सकता है महीनों चले | लोगों का पलायन पूर्व में भी जारी था मगर ट्रेन से था और आज से तो वे अपनी - अपनी प्राइवेट गाड़ियों से अपने घर लौट रहे हैं | ऐसे तबको का सिर्फ मुंबई हीं नहीं बल्कि पुणा , नाशिक से भी पलायन जारी है |
"फेडरेशन ऑफ़ चाकन" इंडस्ट्री में करीब 5 लाख मजदूर काम करते हैं और वहां से 10% कामगार अपने घर लौट गए | यह जानकारी चाकन इंडस्ट्री के सचिव दिलिल बेतवाल ने मीडिया को दिया | मुंबई से लोग सीधा इंदौर पहुँच रहे हैं , फिर वहां से भोपाल होते हुए उत्तरप्रदेश , बिहार और झारखण्ड पहुँच जायेंगे |
जानकारी के आधार पर लोग बीते अक्टूबर अपने घर से मुंबई लौटे थे | इस उम्मीद से कि पिछले नुकसान की भरपाई हो पायेगी मगर ! यह क्या 6 माह भी तो ठीक से अभी नहीं गुजरे और पलायन जारी हुआ | अप्रैल से रेलवे स्टेशन पर भीड़ ज्यादा देखने को मिल रहा है और यह संख्या 6 तारीख से ज्यादा बढ़ती हीं जा रही है |
आँखों देखा हाल :- आज रात 8 बजे से महाराष्ट्र में सख्त पाबंदियां है | मुंबई में 8 बजे सभी जगहों पर धीरे - धीरे सन्नाटा बढ़ता हीं गया और सभी दुकाने बंद कर दी गई | दुकानदार पुलिस के डर से कुछ आधा सटर बाकी पुरा सटर बंद रखा और 8 बजते बजते सभी दुकानें बंद कर दी गई | वहीं बसों पर पूर्व की तरह यात्रीगण को चढ़ने नहीं दिया गया | अपार्टमेंट की बात करे तो मेन दरवाजे के अन्दर किसी बाहरी व्यक्ति को अन्दर आने की इजाजत नहीं है | यहाँ तक की माली को भी फ्लैट में फूल व माला पहुँचाने की छूट नहीं |
सिर्फ जरुरत भर की दुकानें खुली रहेगी वो भी निर्धारित समय तक | ऐसे में लोग अपने घर को पलायन करना हीं उचित समझने लगे | अपने घर को जायेंगे तो लोग वहां अपनो के बीच रह पायेंगे | एक दूसरे के गम - सुख का हिस्सा बन पाएंगे , इसलिए लोग दूरदृष्टि अपनाते हुए पलायन की ओर मुखातिब हो रहे हैं |
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई एक बार फिर से सन्नाटे में छा गई और करोड़ो दिलों का धड़कन मुंबई , जिसे सपनों का नगरी कहा जाता है आज फिर ! इसकी गति धीमी पड़ गई | .... ( न्यूज़ / फीचर :- भाव्यश्री डेस्क )

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