पद्मश्री सम्मानित डॉक्टर के० के० अग्रवाल का वैक्सीन की दोनों डोज लेने के बाद निधन |
- by Admin (News)
- May 18, 2021
इंडियन मेडिकल असोसिएशन के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष व ह्रदय रोग विशेषज्ञ , पद्मश्री से सम्मानित डॉक्टर के० के० अग्रवाल का 17 मई सोमवार रात्रि 11 बजकर 30 मिनट पर मृत्यु हो गई , वे 62 वर्ष के थे |
28 अप्रैल को उन्होंने अपनी कोरोना पोजेटिव होने की खबर , सोशल मीडिया पर शेयर किया था | कोरोना संक्रमण गंभीर होने के कारण , उन्हें दिल्ली के AIMS में भर्ती कराया गया , लेकिन अफसोस उन्हें बचाया नहीं जा सका |
वैक्सीन का डोज लेना , उनके लिए काल बन गया | डॉक्टर अग्रवाल ने वैक्सीन की दोनों डोज ली थी , उसके बाद उन्हें कोरोना हुआ और ICU में भर्ती होने के बाद उनकी मृत्यु हुई | आज एक स्वस्थ डॉक्टर को हम खो दिए , जिससे हमारे देश को बहुत कुछ ज्ञान और उपचार मिल पाता | इससे पहले भी बहुत सारे स्वस्थ डॉक्टर और स्वस्थ चर्चित चेहरे , जिन्होंने वैक्सीन की दोनों डोज ली थी , उनकी मृत्यु हुई |
आज डॉक्टर अग्रवाल का वैक्सीन के दोनों डोज लेने के बाद मृत्यु होना , कई सवाल खड़ा कर गया | सोंचने पर मजबूर है हम और वे लोग , जिन्हें वैक्सीन लेने से भय लग रहा है | कई जगहों पर जब स्वास्थ्य विभाग के सदस्य वैक्सीन की डोज लेने के लिए , लोगों से बोलते है , तो लोग उनसे लिखित रूप से अपने जिन्दा रहने की गारंटी मांगते हैं | आज वैक्सीन निर्माता मालामाल तो जरुर हो रहे हैं | लेकिन वहीं कहीं न कहीं कंगाल भी हो रहे हैं ! इसलिए की पहले जो दवा का अविष्कार होता था , उसमे वर्षों लग जाते थे | आज तो महीनों भी नहीं लगता और दवा आदमी पर सीधा असर छोड़ रहा है , तो ! ये कंपनी कहाँ से गारंटी देंगे ?
सीरम वैक्सीन कंपनी के CEO अदार पूनावाला अपने परिवार के साथ विदेश में जाकर बैठे है और वहां पर नया प्लांट बनाने की योजना चल रही है | भारत में मन नहीं लगता , सिर्फ भारत के पैसे से वे पोषित होंगे | गरीबों को इतना महंगा वैक्सीन , जान बचाने के लिए लेना पड़ता है या अस्पताल में अपना घर बेचकर / गिरवी रखकर राशि देनी पड़ती है | हाल हीं में अस्पताल में एक व्यक्ति के मृत्यु के बाद , उनके गाड़ी को बंधक बनाया गया था | आज स्वास्थ्य विभाग का जो आलम है , वह समाज सेवा का रहा नहीं , सीधा सिरिंच घुसाकर ब्लड निकालने जैसा है | तो क्या ऐसी रोटी अमीरों को लालिमा प्रदान करेगी ? आज न कल वक्त का भार , इन जैसे लोगों को भी उठाना पड़ेगा | ठीक उस तरह जैसे हनुमान ने लंका में आग लगाईं थी |
डॉक्टर अग्रवाल की पत्नी वीणा अग्रवाल , लड़के निलेश और लड़की नैना , अपने पति और पिता की मृत्यु से बेहाल होंगे | जीवन के हमसफ़र का इस कदर साथ छूट जाना , उन्हें तमाम जिंदगी रुलायेगा / तड़पायेगा और मन हीं मन कोसेगा कि काश ! मेरे पापा ने वैक्सीन की डोज नहीं ली होती |
इनके निधन की जानकारी , इनके ट्विटर अकाउंट से साझा किया गया है , लिखा है - काफी दुःख के साथ बताया जा रहा है कि डॉक्टर के० के० अग्रवाल का 17 मई की रात 11:30 बजे कोरोना से लम्बी लड़ाई लड़ते हुए , निधन हो गया | वे जब से डॉक्टर बने थे , उन्होंने अपना जीवन , लोगों के स्वास्थ्य , जागरूकता को लेकर समर्पित कर दिया था |
नेकदिली के लिए मशहूर डॉक्टर अग्रवाल , आर्थिक रूप से कमजोर कोरोना मरीजों को फ्री में उपचार दिया | साथ हीं छोटे कस्बों में रहने वाले लोगों के लिए , अपना इलाज घर पर रहकर करने की सलाह और पद्धति भी सोशल मीडिया पर बताया करते थे |
कोरोना ग्रसित होने के पांचवे दिन सिटी स्कैन कराने जा रहे थे | तो किसी के प्रश्न पर जवाब दिया था - कि मेरी तबियत तो उस दिन ठीक होगी , जिस दिन आप सबलोग ठीक हो जायेंगे | कम पैसे की सस्ती दवा की जानकारी देते रहे , ताकि लोग कम पैसे खर्च कर स्वस्थ हो जाए |
इससे पहले 14 मई को भी इनकी मृत्यु की अफवाह उड़ी थी | तब परिवार ने सोशल मीडिया के जरिये , उनके कुशल होने की जानकारी दी थी | डॉक्टर साहब ने एक विडियो में ऑक्सीजन सपोर्ट पर रहते हुए भी कोरोना से लड़ने की जानकारी दी थी |
जितने भी लोग घर में आसोलेट है , वे सब के सब स्वास्थ्य होकर बाहर आ जाते है | इंसान घर पर रहकर , अच्छे खानपान से अपने शरीर को मजबूत बनाये | सोशल डिस्टेंस का पालन और घर में भी मास्क लगाते रहें | आपकी जिंदगी , आपके हाथ में है | ये जिम्मेदारी आपको स्वयं निभाना होगा | अभी बहुत बुरा वक्त चल रहा है , सभी एक दूसरे का साथ दें | ईश्वर चाहेंगे तो सुख की घड़ी भी आयेगी |
डॉक्टर के० के० अग्रवाल जी को भव्याश्री परिवार की तरफ से भावभीनी श्रधांजलि | ...... ( न्यूज़ / फीचर :- भव्याश्री डेस्क )

रिपोर्टर
Admin (News)