मुंबई लोकल ट्रेन में फर्जी व गैर जिम्मेदार यात्रियों से , डिपार्टमेंट ने दंडस्वरुप करोड़ों रुपये वसूले |
- by Admin (News)
- May 26, 2021
मुंबई लोकल ट्रेन , जिसके रुक जाने से मुंबई रुक जाती है | सबकी गतिविधि डमाडोल और सफ़र काफी लम्बा खिंच जाता है , जब उन्हें बसों से सफ़र करना पड़ता है | मुंबई लोकल ट्रेन भी क्या करे ? लॉकडाउन में लोगों की सुरक्षा के हिसाब से यात्रियों को सफ़र करवाती है |
ऐसे में मुंबई लोकल से अवैध रूप से यात्रा करने वाले लोगों की कमी नहीं | मुंबई में समय बचाने के लिए , कुछ लोग अपने दिमाग को शातिर बनाने से भी बाज नहीं आते |
ऐसे हीं यात्रियों से 3 करोड़ 97 लाख रुपये के करीब दंड वसूला जा चूका है | पिछले 1 अप्रैल से सिर्फ अतिआवश्यक सेवा से जुड़े व्यक्ति को हीं , मुंबई लोकल से यात्रा करने की स्वीकृति दी गई थी | परन्तु सामान्य लोगों ने भी चकमा देकर या अनभिज्ञता में यात्रा करने की गुस्ताखी की , तो वे दंड के भागी बने | ऐसे यात्रियों की कुल संख्या 75 हजार 7 सौ 93 है , जिसके खिलाफ करवाई की गई व दंड वसूला गया |
फर्जी दस्तावेज बनाकर यात्रा करने वाले लोगों को डर क्यूँ नहीं लगता ! इससे बेहतर था कि वे रेलवे डिपार्टमेंट से अपनी मज़बूरी को बताते हुए स्वीकृति पत्र ले लेते | लेकिन ! रेलवे का नियम तो सभी के लिए एक जैसा हीं है , ऐसे में हर आदमी सुविधा न मिलने से त्रस्त है | इन्हीं गैर जिम्मेदार लोगों पर मुंबई मध्यरेलवे के मुंबई डिविजन ने करवाई करके करोड़ों रुपये फाइन में वसूले है |
सूचना के आधार पर मध्यरेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शिवाजी सुतार ने यह आकंडा देते हुए - उनके लापरवाही का सबूत दिया , साथ हीं 17 अप्रैल से 21 मई के बीच बिना मास्क के यात्रा करने वाले की सूची 1 हजार 61 है , जिसके खिलाफ करवाई की गई | वहीं 808 यात्री पकडे भी गए , जो फर्जी रूप से अपना कार्ड बनाकर यात्रा कर रहे थे , उनमे से प्रत्येक यात्री से 500 रुपये का दंड वसूला गया |
इस तरह के गैर जिम्मेदार लोग , जो यात्रा करने के लिए फर्जी दस्तावेज बनाते हैं | ऐसे लोगों में अधिकतर यात्रियों ने BMC के नाम का इस्तेमाल करते रहे |
ऐसे यात्रियों को हमेशा याद रखना चाहिए , भले हीं मुश्किल भरे दिन का सामना करना पड़े , परन्तु गलत रास्ता नहीं ढूँढना चाहिए | डिपार्टमेंट वाले फाइन लेकर छोड़ दिए , क्यूंकि अभी कोरोनाकाल जैसे त्रस्त माहौल से सभी लोग गुजर रहे हैं | अगर कुछ और ज्यादा फाइन या दंड मिलता तो क्या होता ? खैर ...... इसलिए कहते है - देर आये दुरुस्त आये | तो देर से हीं सही दुरुस्त पहुंचेंगे , सुरक्षित पहुंचेंगे , बस तो था आवागमन के लिए |
सरकारी निर्देश को ताख पर रखकर सफ़र करने वाले को गैर जिम्मेदार माना गया है | जिम्मेदार बनिए और मास्क लगाना न भूलिए , सोशल डिस्टेंस का भी पालन करना निहायत जरुरी है , इतना याद रखते हुए सफ़र कीजिये | ...... ( न्यूज़ / फीचर :- भव्याश्री डेस्क )
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