श्री गुरु सिंह सभा की यूथ ब्रिगेड के 5 सदस्यों ने कोरोनाकाल में , लंगर और दवा सहित घर को सेनीटाईज करने का भी जिम्मा उठाया |
- by Admin (News)
- Jun 01, 2021
सिख समाज के बढ़ते कदम के तहत ... कोरोना महामारी से ग्रस्त लोगों के घरों को सेनीटाईज करने अब सिख समाज की संस्था श्री गुरु सिंह सभा की यूथ ब्रिगेड अपनी जान की प्रवाह किये बिना वाहे गुरु का नाम लेकर चल परे है घरों को सेनीटाईज करने |
यह टीम प्रतिदिन 15 से 20 घरों को सेनीटाईज कर राहत पहुंचाने का कार्य आरम्भ किया है |
यह जानकारी इंदौर की रहने वाली पिंकी कौर ने दिया है | यूथ विंग के अध्यक्ष सतवीर सिंह , सनी टुटेजा , अर्श सिंह सैनी , सागर एवं चरणप्रीत सिंह रूबल आदि कोरोना महामारी के आरंभिक दौर से हीं इनकी सेवा में अपना योगदान दे रहे है | शुरुआत लंगर और मेडिसिन सेवा के योगदान से किया था | फिर समाज के कुछ ऐसे लोगों ने फ़ोन किया , जिनके परिवार के सदस्य अस्पताल में थे और उन्हें अपने घर को सेनीटाईज करवाना था | पहले तो उन्होंने निगम को कहा , परन्तु वहां से उन्हें तत्काल निराशा हाथ लगी | उन्हें इस बात की चिंता थी कि मरीज अस्पताल से घर लौटेंगे तो फिर संक्रमण का खतरा बढ़ जाएगा | इसलिए घर को स्वच्छ रखना निहायत जरुरी था , उनके लिए |
रूबल जी ने सोंचा कि - हमारे लिए उनके उम्मीद को जिन्दा रखना , निहायत जरुरी है | इसलिए गुरु सिख सभा की यूथ बिग्रेड टीम ने ऐसे घरों को सेनीटाईज करने का भी बीड़ा उठा लिया , जिन्हें इसकी निहायत जरुरी है | आगे वाहे गुरु की कृपा , सभी को राहत मिले , यहीं सोंच रखते हुए इंतज़ार में बढ़ रहे इनके कदम सुमार्ग की तरफ और फिर सेनीटाईज सेवा करना तय किया | इसके लिए गुरु सिंह जो सभा के प्रधान है , उनसे अनुमति लिया, तो उन्होंने रोजाना एक सेनीटाईजर और PPE कीट उपलब्ध कराने का वादा किया , बाकी अन्य चीजें इन्होने खरीद लिया |
आज के हर मोड़ पर जीवन में आंसू भरी है , कोरोना ने बड़ा रुलाया है | अकाल मृत्यु पल - पल दिल को दहला जाता है | रूबल जी ने भी अपनों को खोया है | बावजूद इसके , भारत के परिवार के लोगों की जिंदगी सुरक्षित रखने के लिए , सेनीटाईज करने जैसा कदम बढाया | यह पढ़कर शायद ! पैरों तले धरती फिसल जायेगी और लोग सोंचने पर मजबूर होंगे कि , इंसानी जज्बात अगर सीखनी है तो चरणप्रीत सिंह रूबल से सीखे | इन्होने अपने परिवार के 6 लोगों को खोया है | अपनों के खोने के दर्द से बेहाल , रूबल जी ने , अपने मर्म को समेटते हुए , अपने पिता के यह कहने पर कि - मरना और जीना तो ऊपर वाले ने लिखा है | लेकिन ये भी कोरोनाकाल में सबसे बड़ी सेवा है |
रूबल जी ने अपने स्वच्छ मानसिकता और विचार - भावना से अपना कदम , अपने टीम के साथ आगे बढ़ा रहे है और एक दौर ये भी है जब वे लोगों को अपनी सेवा दे रहे है और एक दौर अभी आना बाकी है जब वाहे गुरु उनके निःस्वार्थ सेवा पर अपनी कृपा बरसाएंगे |
जिंदगी में पाना और खोना यह तो इंसान के तक़दीर में लिखा है , लेकिन ! वहीं जो खोने के बाद भी विचलित न होते हुए , लोगों को अपनी सेवा से , स्वच्छ व सुन्दर वातावरण देकर , जिंदगी में ख़ुशी प्रदान करता है , तो उसे हीं धरती का मसीहा कहा जाता है | क्यूंकि सिख समुदाय में आरंभिक दौर से हीं , भूखे को भोजन और पानी देकर राहत पहुंचाने जैसे कार्य से ये अग्रसर रहे है और आज भी इनके द्वार से कोई भूखा नहीं लौटता , चाहे वह अमीर हो या गरीब | लेकिन गुरूद्वारे में सबको एक नज़रों से हीं देखा जाता है और सभी लोग एक साथ मिलकर खाना खाते है | आज भी ये सिख समुदाय के लोग पुरे भारतवर्ष में हर तरह से राहत पहुंचाने के कार्य में अपना कदम बढ़ा रहे हैं , ये अनुकरण के योग्य है | ......( न्यूज़ / फीचर :- एम० नूपुर )

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