कार्टून विडियो देखने के चक्कर में 2 साल का बच्चा , चार मंजिला मकान से नीचे गिरा , इलाज के दौरान मौत | Bhavyashri News
- by Admin (News)
- Sep 14, 2021
सूरत शहर के लिंबायत इलाके में 11 सितम्बर को एक दिल दहला देने वाली घटना आंखों के सामने से गुजर गई | जहाँ एक व्यक्ति ने चार मंजिला मकान से दो साल के बच्चे को नीचे गिरते हुए देखा |
बच्चा चौथी मंजिल से दूसरी मंजिल पर गिरा , फिर बालकनी पर टकराते हुए नीचे जमीन पर गिर पड़ा | बच्चे को गिरते हुए एक राहगीर ने अपनी आँखों से देखा , परन्तु वह बिवश होकर रहा गया | कुछ सोंच पाता ! इससे पहले बच्चा जमीन पर गिर चूका था |
राहगीर ने बच्चे को गोद में उठा लिया | फिर उसने जोर से आवाज लगाईं , कुछ लोग इकठ्ठे हुए | बच्चे को पहचानकर लोगों ने जब बच्चे के घर के दरवाजे पर आवाज लगाईं , तब घरवाले को पता चला कि - यह घायल बच्चा उनका हीं है | घायल अवस्था में बच्चे को अस्पताल पहुंचा गया | परन्तु अफ़सोस की इलाज के दौरान बच्चे की जान नहीं बचाई जा सकी |
लगभग 55 घंटे तक चिकित्सकों ने बच्चे को बचाने का प्रयास करते रहे | इस बीच बच्चा जिंदगी और मृत्यु से सफ़र करता रहा | परन्तु जिंदगी वापस नहीं मिली |
आप जानना चाहेंगे कि ऐसा कैसे हो गया ? तो सूचना के आधार पर हम आपको बता दे कि - यह बच्चा वसीम नाम के व्यक्ति का था | वसीम टाइल्स का काम करते है | जिस वक्त ये घटना घटी वसीम घर पर नहीं थे | वसीम ने एक महिना पहले हीं यह फ़्लैट किराए पर लिया था | इनके दो बेटे थे - जिसमे छोटे बेटे की मृत्यु हुई है , जिसकी उम्र 2 वर्ष थी |
फोटो :- आजतक के सौजन्य से
इस फ़्लैट में घटना से पहले इनकी पत्नी को बाथरूम जाना था | बच्चा रो रहा था ,पत्नी ने मोबाइल पर एक कार्टून विडियो लगाकर बच्चे के हाथ में डाल दिया | बच्चा कार्टून देखने लगा और माँ वाशरूम चली गई | बच्चा खेलते - खेलते उस रूम में जा पहुंचा , जिसमे खिड़की खुली थी | उस खिड़की का रुख सीधे नीचे की तरफ जाता है | अंदाजा लगाया जा सकता है कि - खिड़की में हो सकता है कि ग्रिल नहीं लगा हो और पल्ला खुला हो ! तभी 2 साल का बच्चा खुली खिड़की से नीचे पलट गया |
यह समझा जा सकता है कि - दो वर्ष के बच्चे में खिड़की को खोलने की क्षमता या ताकत नहीं हो सकती | खैर ..... यह घटना बहुत हीं भयावह और दर्द देने वाला है | यह घटना 11 सितम्बर शनिवार की है | उनके घर पर लोगों ने जब दरवाजा खटखटाया , तो बच्चे की माँ को इस बात की जानकारी मिली |
राहगीर वहां से नहीं गुजरते , तो पता नहीं बच्चा घायल अवस्था में सड़क पर कितनी देर तक जिन्दा रह पाता !
इस घटना को एक लापरवाही कहा जा सकता है या फिर वक्त का तकाजा | ऐसा इसलिए कि - ऊपर वाले स्वयं पर इल्जाम नहीं लेते , कोई न कोई कारण लग जाता है एक तसल्ली के लिए | ईश्वर - अल्लाह जब औलाद देते है , तो खुशियों का आलम चारो तरफ छा जाता है | वहीं जब दी हुई चीजें वापस लेते है , तो मन कांप उठता है और इंसान जानहीन बनकर स्वयं को या उस घड़ी को कोसना शुरू कर देते है |
जिंदगी एक सफ़र है , इसका अंत कब हो जाए , कुछ पता नहीं ! साल भर या सौ साल | यह सत्य है कि जिंदगी झूठ है और मृत्यु एक उधार और उधार चुकता करना पड़ता है , जो ईश्वर की देन है | आज इस घटना के बाद वसीम की पत्नी अपने बच्चे के प्रति की गई लापरवाही से सदमे में है | मगर इस सदमे का कोई इलाज नहीं | परिवार / समाज या चिकित्सक के पास |
सोंचा जाए तो - 14 वर्ष के कम उम्र के बच्चों को मोबाइल देना हीं नहीं चाहिए | यह आँखों पर तो प्रभाव छोड़ता हीं है , इसके रे से जब बड़े इंसान को खतरा हो सकता है , तो दो साल के मासूम को कितना असर पड़ने वाला होगा ? यह महसूस किया जा सकता है ! परन्तु आज तो ऑनलाइन का जामना है और सभी बच्चे के हाथ में मोबाइल देखा जा सकता है | खैर ...... अपने बच्चों पर निगरानी रखीये | ऐसे मकान में कदापि न रहे , जहाँ सुरक्षा - व्यवस्था सुदृढ़ न हो | अपना मकान हो तो सेफ करे , किराने का हो तो न ले या नसीहत देकर सुरक्षा कराये |
आपको बता दे कि - जब यह बच्च गिरा और राहगीर ने इसे उठाया | यह पूरा दृश्य CCTV फूटेज में कैद हो गया है | जमीन पर से बच्चे को उठता हुआ यह युवक साफ़ दिखाई पड़ रहा है |
याद रहे जिंदगी नहीं मिलती दूबारा | बच्चे की परवरिश में वक्त लगता है और पल - पल ध्यान देने की जरुरत है | इसलिए सेफ रहे और बच्चों पर निगरानी बहुत हीं जरुरी है |
नोट :- कृपया बच्चे के हाथ में मोबाइल कदापि न दें और न बच्चे के हाथ में मोबाइल दे | ...... ( न्यूज़ / समाचार :- भव्याश्री डेस्क )

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