इंदौर में JCB से भगवान गणेश की प्रतिमा को फेंकते विडियो देखकर , प्रशासन सख्ते में | Bhavyashri News
- by Admin (News)
- Sep 21, 2021
गणेश चतुर्थी से लेकर अनंत चतुर्दशी तक पुरे 10 दिन लोग गणपति की पूजा बड़े हीं श्रद्धा भाव से करते है | परन्तु बड़े हीं अफ़सोस और क्लेश भरी बातें है कि - प्रतिमा विसर्जन वाले दिन मध्यप्रदेश के इंदौर शहर में नगर निगम के अफसरों की मौजूदगी में गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया जा रहा था | जैसे हीं अधिकारी वहां से हटे , कर्मियों ने ट्रक के भीतर से jcb के द्वारा तालाब में गणपति की प्रतिमा को फेंकना शुरू कर दिया | यह ईश्वर का घोर अपमान है , साथ हीं इंसान के श्रद्धा और विश्वास का भी | जहाँ एक पिता परमेश्वर के रूप में गणपति बप्पा की पूजा अर्चना की जाती है |
हिन्दू धर्म के अनुसार सर्वप्रथम गणपति की पूजा अनिवार्य माना गया है | ऐसे भी दुनियां मे कामचोर और नास्तिक की भी कमी नहीं , जिन्हें भगवान का जरा भी खौफ / परवाह नहीं | किस तरह ये ईश्वर की प्रतिमा को फेंकते नजर आ रहे है | इस दृश्य का विडियो जब सामने आया , तो अधिकारीगण ने पहले इसे इंदौर का होने से इंकार कर दिया , लेकिन बाद में पुष्टि होने के बाद लोग सतर्क हो गए |
अधिकारीगण अपर आयुक्त के फटकार के बाद मांफी माँगते हुए व्यवस्था बनाने की बात कही है | नगर निगम द्वारा 85 वार्डों में गणेश प्रतिमा विसर्जन की जिम्मेदारी ली थी और यह जिम्मेदारी आयुक्त अभय राज गांवकर को सौंपी गई थी | जिसमे POP से निर्माण की गई प्रतिमा को व्यवस्थित तरीके से गिट्टी / खाद्दान वाले स्थान पर विसर्जित करने की बात कही गई थी |
सोमवार को इस कार्य में हाथ लगाया जाना था | परन्तु खाद्दान में अधिकारीयों के हटते हीं निगमकर्मियों ने मूर्तियों को बुरी तरह जानहीन समझकर पानी में फेंकना शुरू कर दिया | जैसे कि कोई पत्थर का टुकड़ा हो ! सूचना के आधार पर अपमानजनक बातें सामने आने के बाद अपर आयुक्त अभय राजगाँवकर ने अपनी गलती और अधिकारी की लापरवाही मानते हुए नई व्यवस्था बनाने की बात कही है |
कर्मचारियों के इस हड़कत को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा और उनकी पहचान होने के बाद उनपर करवाई करने की बात आयुक्त प्रतिभा पाल ने कहा है | उन्होंने अधिकारीयों को भरपूर फटकार लगाते हुए कहा है कि - मूर्तियों को एक चैन सिस्टम से पानी में विसर्जित करना था | धार्मिक रीति- रिवाज से मूर्ति विसर्जित की बात कही थी | कर्मचारियों के इस तरह के तरीके से वे बहुत नाराज हो गई | वहीं कुछ पार्टी के नेतागण ने भी इस विषय बिंदु पर अपनी - अपनी नाराजगी जताते हुए प्रतिक्रियाएं दी है |
आगे कुछ भी हो - सुधार या संशोधन | परन्तु बड़े हीं शर्म की बात है कि - अभी भारत इतने बड़े संकट से जूझते हुए बंधन से मुक्त नहीं हो पा रहा है | इस तरह का घोर अपमान और ईश्वर आस्था के साथ छेड़छाड़ बहुत हीं पीड़ादायक है | यह कदापि बर्दाश्त करने से बाहर की बाते हैं | उन्हें दण्डित किया जाना चाहिए , वहां के लोग और प्रशासन की भी यहीं सोंच है और यह सोंच सही है | तभी लोग भूल से भी धार्मिक आस्था के प्रति लापरवाही बरतने से पूर्व कई दफा सोंचेंगे | ...... ( न्यूज़ / फीचर :- भव्याश्री डेस्क )

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