इंदौर में तस्करों की थैली से करोड़ो के दोमुंहा सांप बरामद , चार आरोपी गिरफ्तार | Bhavyashri News
- by Admin (News)
- Sep 25, 2021
इस धरती पर सिर्फ इंसान का हीं जिन्दा रहना निहायत जरुरी है या फिर जितने भी प्राणी ने जन्म लिया उन सबका जीना जरुरी है ! यह एक बड़ा सवाल है उस सोंच के लिए - जो धन कमाने , फैक्ट्री चलाने या मनुष्य को कुछ दिन और धरती पर टिका रहने के लिए - जानवर , पशु , पक्षी , जीव - जंतु प्राणियों की तस्करी कर उन्हें बेच देते है | या तो मनुष्य के पेट भरने के लिए या फिर मनुष्य की जिंदगी बचाने के लिए इन जीवों की हत्या कर मेडिसिन बनाने में इस्तेमाल किया जाता है |
लेकिन इस धरती पर सबसे बड़ा व खूंखार जानवर के रूप में अगर किसी का नाम दिया जाए , तो उसे मुठ्ठीभर मनुष्य का नाम दिया जा सकता है | जिनके सीने में दिल नहीं , तभी उनके पास जान की कीमत नहीं | ऐसे लोग मोह माया से कहीं ऊपर उठकर सिर्फ अपने लिए ऐय्याशी भरा जीवन जीने का सपना सजोते है |
मध्यप्रदेश इंदौर में 5 करोड़ से अधिक का एक सांप को जब्त किया गया है | सौदा करने से पहले हीं इन चार तस्करो को गिरफ्तार कर लिया गया है और उनसे पूछताछ जारी है | पूछताछ के दौरान यह मालूम हुआ कि सांप की कीमत करोड़ों में है |
सूचना के आधार पर - स्पेशल टास्क फ़ोर्स SP मनीष खत्री के अनुसार बाइक पर जा रहे 4 लोगों को रोका गया | उनकी तलाशी ली गई , तो बोर में 5 रेड सैंड बोआ सांप मिले | इन चार तस्करों ने स्वीकार किया कि वे इन्हें बेचने जा रहे थे | इनके पास से 3 मोबाइल , 2 बाईक और साँपों की बोरी जब्त की गई है | ये चारो तस्कर देवास के रहने वाले है और जंगलो से सांप को पकड़कर कई दिन से घूम रहे थे बेचने के चक्कर में जिनकी उम्र - 30 वर्ष से 42 वर्ष के बीच है जिसमे हरिओम हिरवा , राहुल धावरी और विष्णु मली , दयाराम भार्गव अभी पुलिस के गिरफ्त में है |
ये सभी कई राज्य में इनकी तस्करी करते है और जहाँ भी दाम ज्यादा मिला , वह राष्ट्रीय या अंतर्राष्ट्रीय तस्कर टेबल पर इन्हें अधिक दाम में बेच देते है |
मलेशिया में एक अंधविश्वास का प्रचलन है जिसमे ऐसा माना जाता है कि - सैंड बोआ सांप किसी इंसान की किस्मत चमका देता है | तांत्रिक क्रियाओं में भी इसकी तस्करी की जाती है , इस वजह से बंगाल , मध्यप्रदेश , उत्तरप्रदेश , बिहार , झारखण्ड आदि कई राज्य में बड़े पैमाने पर इसकी खरीद - फरोक्त की जा रही है |
इस सांप के विषय में थोड़ी जानकारी आपको दे दे कि - यह बालू के नीचे छिपा रहता है | इसके कारण हीं इसका नाम सैंड बोआ पड़ा | इनका सर सिर्फ बालू के ऊपर नजर आता है | नीचे इनके शरीर की लम्बाई का किसी को कुछ पता नहीं चल पाता है | सिर्फ ऊपर के आकार से यह अनुभव किया जा सकता है कि - यह कितना पुराना और बड़ा सांप होगा और इसकी कीमत वो कितना रख पायेंगे |
मुख्य रूप से प्रशांत महासागर के तट पर रेत के नीचे यह आसानी से सोये पड़े रहते है | इसके अतिरिक्त उत्तरी अफ्रीका , यूरोप और भारत में भी यह बड़ी संख्या में उपलब्ध हो जाते है |
यह सभी जानते है कि - एलोपैथी दवा बनाने में जानवरों के अंश का मिलावट बहुत बड़ा अहमियत रखता है | तभी किसी बीमारी को जड़ से छुड़ा देने का यह कंपनी दावा करती है | इस सांप के विषय में भी आपको बता दे कि - पकड़े गए सांप से जोड़ो के दर्द की दवा बनाने में तो इसका इस्तेमाल होता हीं है | साथ हीं कैंसर जैसे भयावह इलाज के साथ सेक्स पॉवर की दवा बनाने में भी किया जाता है |
यह जानकारी सूचना के आधार पर हम संग्रहालय के प्रभारी उत्तम यादव के कथनानुसार बता रहे हैं |
यह सभी साँपों को वन विभाग के हवाले कर दिया गया है और इन चारो के खिलाफ वन जीव संरक्षण अधिनियम की धारा लगाते हुए मामला दर्ज किया गया है | एक और खास बात कि ऐसे जीव जन्तुओं के लिए तांत्रिक लोग भारी संख्या में इसे राशि देकर खरीदते है और अपने तांत्रिक क्रिया कलाप में इसका इस्तेमाल करते है |
देखा जाए तो अपने भारत में अंधविश्वास करने वालो की भी कमी नहीं | अपनी किस्मत की लकीर और हाथों की रेखा पर उन्हें विश्वास नहीं होता और लोग तांत्रिक के पास चले जाते है अपने भाग्य निर्माण के लिए और तांत्रिक ऐसे लोगों से काफी अच्छी संख्या में धन की वसूली कर लेते है | तांत्रिक को तो धन का लाभ मिल जाता है जीव मृत्यु के निचोर से | परन्तु लोगों को कितना लाभ मिलता है , यह कहना बड़ा हीं मुश्किल है |
मलेशिया में या फिर जिस देश में बड़े पैमाने पर कीमती कॉस्मेटिक पदार्थ का निर्माण होता है , वहां ऐसा अंधविश्वास है कि सैंड बोआ के चमरी से या फिर इसके मांस से इंसान की स्कीन में कुछ खास चमक आती है | इसलिए कॉस्मेटिक बनाते वक्त वो उसका इस्तेमाल करते है | जैकेट , पर्स और हैण्ड बैग बनाने में भी इसका इस्तेमाल किया जाता है |
खाड़ी देशों में माना जाता है कि - रेड सैंड बोआ सांप का मांस या रक्त का सेवन करने से व्यक्ति की सभी बीमारियाँ तो ठीक होती हीं है साथ हीं वो मृत्यु तक जवान बने रहते है | लेकिन इसकी एक अहमियत है कि - वैज्ञानिको के अनुसार यह सांप आदमी से बहुत दूर रहते है | यह सांप भी अन्य सांप की तरह जहरीला तो होता हीं है जिसमे वे कीड़े - मकोड़े और छोटे जानवरों को अपना शिकार बनाते है | अभी तक जानकारी के अनुसार दोमुंहे सांप ने किसी भी व्यक्ति को काटा हो ऐसा हकीकत में सामने नहीं आया है | वैज्ञानिक एवं शोधकर्ताओं के अनुसार यह सांप काफी शर्मीला होता है और ठंढे या रेत की जगह होते है | लोगों के अंधविश्वास के कारण इन्हें मरना पड़ जाता है |
ये चारो तस्कर इस सांप को कहाँ बेचने जा रहे थे , इसकी जानकारी अभी नहीं मिल पाई है | फिलहाल इनके पास से 5 दोमुंहा सांप जब्त किये गए | अब आपको बता दे कि आपने कई बड़े - बड़े सांप देखे होंगे जो कई फीट लम्बे होते है , जंगल में पाए जाते है और साथ हीं कई बार इंसान के वातावरण के पास भी घूमते हुए पहुँच जाते है जिसे देख लोग भयभीत होते है | जो सिर्फ एक मुंह का सांप होता है और पकड़ने वाले इसे मुंह की तरफ से पकड़कर इसे काबू में करते है ताकि किसी का नुकसान न हो | क्यूंकि मुंह के द्वारा हीं ये किसी को डंसते है |
वहीं दो मुंहा सांप सुनकर हीं लोग भयभीत हो जाते है | अगर इसका विडियो देख ली जाए , तो मन बेचैन सा हो जाएगा | एक कहावत भी इन्हीं सांप पर आधारित है | इंसानी फिदरत के लिए लोग अक्सर बोल देते है - "यह तो दोमुंहा सांप है" अब इसका मतलब भी हम आपको बता दे कि - दो तरह की बातें करने वाले को दोमुंहा कहा जाता है , जिसके बात का भरोषा न हो | ये सांप भी दोमुंह के होते है | अक्सर ये दिखते नहीं क्यूंकि ये ज्यादातर रेत के अन्दर होते है या फिर ठंढी जगह में | दो मुंह होने से आप समझ सकते है कि - इंसान अगर इनकी चपेट में आ जाये , तो इनका क्या अंजाम होगा ? परन्तु वैज्ञानिक के कथनानुसार ये दोमुंहे सांप अभी तक किसी को डंसा नहीं है |
खैर ...हम बात कर रहे थे किसी प्राणी के रक्षा करने की - तो ईश्वर के बनाये हुए हर शरीर और सांसों पर सिर्फ उनका हीं अधिकार है | इसलिए इन सब की रक्षा होनी चाहिए | जीव - जंतु , जंगल , पेड़ ,पहाड़ , समुन्द्र को अगर ख़त्म कर दिया जाये , तो फिर इंसान क्या जीवित रह पायेगा ? यह सोंच का विषय है ! अपनी सोंच को सुमार्ग की तरफ बढ़ाइए , यही आपकी जिंदगी का अनमोल पल होगा | ...... ( न्यूज़ / फीचर :- भव्याश्री डेस्क )
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