समीर वानखेड़े पर किसने लगाया 8 करोड़ रुपये का इल्जाम , आर्यन खान की गिरफ्तारी से जुड़ा मामला | Bhavyashri News
- by Admin (News)
- Oct 25, 2021
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े पर 8 करोड़ रुपये देने की बात आखिरकार किसने कहा और किसने कहा कि - आर्यन जेल जाने से बच जाते ?
आर्यन खान ड्रग्स केस में अब आया नया ट्विस्ट जिसपर भरोषा किया जाए या नहीं यह तो बात की बात है | फिलहाल जो बातें छनकर सामने आई है , वह यह है कि - प्रभाकर राघोजी जो स्वयं को किरण गोसावी का बॉडीगार्ड बताते है | किरण गोसावी वो सख्स है , जिन्हें 3 अक्टूबर को आर्यन खान को पकड़कर NCB के दफ्तर ले जाते हुए सभी ने देखा था |
प्रभाकर ने कहा है कि - समीर वानखेड़े ने किरण गोसावी के साथ मिलकर कुछ षड़यन्त्र रचा है , जिसके बदले उन्हें मोटी रकम मिलने की बात है | सूचना के आधार पर बॉडीगार्ड प्रभाकर राघोजी ने मीडिया को भी इस बात की जानकारी दी है कि - किरण गोसावी और किसी सैम डिसूजा को 25 करोड़ रुपये की बात करते हुए सुना था , जिसमे मामला 18 करोड़ रुपये में डील हुई | डिसूजा ने कथित तौर पर 18 करोड़ रुपये में से 8 करोड़ रुपया समीर वानखेड़े को देने की बात कही थी |
प्रभाकर राघोजी , किरण गोसावी के कहने पर 50 लाख रुपये एक कार से कलेक्ट किया था , यह रुपये 2 बैग में भरे थे | सफ़ेद रंग की कार का नंबर 5102 बताया | इससे पूर्व प्रभाकर राघोजी ने कहा कि - किरण गोसावी के साथ वे उस वक्त मौजूद थे , जब आर्यन खान और मुनमुन धमेचा को देखा था , जहाँ किरण गोसावी ने NCB अधिकारियों के साथ आर्यन खान को उजले रंग की इनोवा कार में ऑफिस लाये थे |
रात के 1 बजे किरण गोसावी ने प्रभाकर राघोजी को NCB के दफ्तर में आने को कहा और बोला - मुझे इस मामले में मुझे विटनेस बनना है | किरण गोसावी उजले रंग की इनोवा कार से निकले और उनके पीछे सैम डिसूजा की कार भी आई | ये दोनों कार लोअर परेल की ब्रीज पर रुकी | किरण गोसावी लगातार सैम डिसूजा से हीं बाते कर रहे थे और कहा कि - 25 करोड़ का बम डाल दिया है , जिसमे 8 करोड़ समीर वानखेड़े को भी देना है |
कुछ देर बाद वहां नील रंग की मर्सिडीज कार आयी , जिसमे से पूजा ददलानी उतरी | फिर वे तीनों मर्सिडीज में बैठकर 15 मिनट तक बाते की , इसके बाद प्रभाकर और गोसावी मंत्रालय पहुंचे | किरण गोसावी ने फिर किसी से बीत की और वाशी चले गए | वाशी से मुझे फोन किया गाड़ी से बैग लेने के लिए , जिस गाड़ी का नंबर 5102 था | इसी सफ़ेद रंग की कार से मैंने 2 बैग उन्हें लाकर दिया था |
प्रभाकर को अपनी जान का खतरा है , क्यूंकि पंचनामे पर भी इनके हस्ताक्षर लिए गए और साथ हीं उनका आधार कार्ड भी माँगा गया | प्रभाकर ने एक एफिडेविट फाइल किया है , ताकि उनकी जान पड़ कोई खतरा न मंडराये | प्रभाकर को इस गिरफ़्तारी की खबर नहीं थी |
किरण गोसावी एक प्राइवेट इन्वेस्टिगेटर है , जिन्होंने 2 अक्टूबर को आर्यन के साथ सेल्फी ली थी | यह सेल्फी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई थी | 3 अक्टूबर को आर्यन की गिरफ्तारी हुई थी | NCB टीम बाहरी इन्वेस्टिगेटर की मदद लेती है | 6 अक्टूबर को NCB की तरफ से जारी की गई प्रेस रिलीज में प्रभाकर राघोजी का भी नाम बतौर गवाह शामिल किया था | प्रभाकर ने यह भी बताया कि - गोसावी रहस्मयी तरीके से लापता है और उनको समीर वानखेड़े से खतरा है |
10 खाली कागजों पर प्रभाकर से जबरन हस्ताक्षर करवाया गया | अब प्रभाकर राघोजी को इसी बात का भय सता रहा है |
क्या सच है , क्या झूठ ? इस तथ्य में कितनी मिलावट की गई है , अभी कुछ भी कहना एक नादानी से कम नहीं | मामला अगर गाड़ी के नंबर तक आ चुका है जिससे रुपये भरे बैग उतारे गए , तो अब नया ट्विस्ट इस केस में एंट्री ले चूका है | अब तो न जाने कितने लोग इस केस में लम्बे दौड़ लगाने वाले है | जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े अपने ऊपर लगाए गए इल्जाम से क्या वे चुप रह पायेंगे ? अब तो और खंगाला जाएगा पानी से रेत के कण को , जो पुरे देश के सामने साक्ष्य और सबूत पेश करेगा | समीर वानखेड़े जैसे अधिकारी अपने टेबल को कभी भी दागदार नहीं होने देंगे | .... ( न्यूज़ / फीचर :- भव्याश्री डेस्क )

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