राजस्थान में पेट्रोल - डीजल का दाम घटाकर सरकार ने जनता के हाथों में झुनझुना थमाया | Bhavyashri News
- by Admin (News)
- Nov 17, 2021
राजस्थान में गहलोत सरकार ने पेट्रोल - डीजल पर वैट घटाने का फैसला लेते हुए जनता को अद्दभुत ख़ुशी दी | साथ हीं इंधन की कीमतों में भी चार से पांच रुपये कमी करने का फैसला लिया है |
मंत्रिमंडल की बैठक में पेट्रोल - डीजल की वैट को कम करने का निर्णय लिया गया , जिसमे पेट्रोल पर चार रुपये वहीं डीजल पर पांच रुपये की दर सस्ता मिलने की खुशखबरी दी गई | राजस्थान के कुछ पेट्रोलपंप पर पेट्रोल 116.34 रुपये प्रति लीटर तक बिक रहा था | अब इसमे चार रुपये की कमी आई है |
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है , वहीं अपने ट्विटर अकाउंट पर भी यह सन्देश छोड़ा कि - मगलवार रात्री 12 बजे के बाद से पेट्रोल चार रुपये प्रति लीटर और डीजल पांच रुपये प्रति लीटर कम हो जायेगी | साथ हीं यह भी कहा कि - इससे राज्य सरकार की वार्षिक राजस्व हानि 3500 करोड़ रुपये आने वाली है |
इस खबर से लोग वाकिफ है कि - दीपावली से एक दिन पूर्व केंद्र सरकार ने तेल पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी घटाई थी , जिसमे पेट्रोल से पांच रुपये और डीजल से 10 रुपये एक्साइज ड्यूटी कम की गई थी | केंद्र सरकार ने जब जनता को सहूलियत दी , तो राज्यों पर दबाव बढ़ गया और इसी प्रेशर को लेकर वैसे राज्य जहाँ केंद्र का शासन नहीं है वे कतरा रहे थे | जिसमे अभी पश्चिम बंगाल में भी वैट नहीं हटाया गया है |
राजस्थान सरकार ने तो यहाँ तक कह दिया था कि - उन्हें पेट्रोल डीजल के दामों को कम करने के लिए गृहमंत्री अमित साह ने दबाव बनाया है |आश्चर्य इस बात की है कि - तराजू के दो पलरा को सरकार बराबर क्यूँ नहीं रखना चाहती ! कभी तराजू का एक पलरा भारी तो कभी दूसरा | परन्तु यह समझ से पड़े है कि - क्या जनता अनभिज्ञ है इस बातों से की सरकार उसके हाथों में झुनझुना थमा रही है |
आज के आधुनिक दौर में जहाँ लोग चाँद पर भी पहुँच चुके है , राजस्थान की जनता जहाँ अधिकांशतः लोग उद्योग धंधे से जुड़े है , जो आसानी से ये हिसाब कर पायेंगे कि - एक तरफ गहलोत सरकार ने पेट्रोल - डीजल पर दाम घटाया , तो दूसरी तरफ बिजली जैसी जरुरत की चीजों पर दाम बढ़ा दिया | राजस्थान में बिजली को महंगा कर दिया गया | अब 33 पैसे प्रति यूनिट की दर से चार्ज लगाया जाएगा |
इस सम्बन्ध में गहलोत सरकार ने प्रधानमंत्री को ख़त भी लिखा है | जिसमे गहलोत सरकार ने तर्क दिया है कि - केंद्र सरकार ने उनकी ओर से बढ़ाई एक्साइज को कम करेगी , तो राज्य में खुद व खुद पेट्रोल - डीजल की कीमते कम हो जायेगी | मुख्यमंत्री महोदय का कहना है कि - राज्य उसी पर वैट लगाता है , जिसपर केंद्र की ओर से वैट लगाया जाता है | इसलिए मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से अतिरिक्त एक्साइज , स्पेशल एक्साइज और शेष को घटाने की मांग कर चुके है |
बीते
3 नवम्बर को दीपावली से एक दिन पूर्व केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल में
कटौती की थी , जिसका असर कई राज्यों पर पड़ा | मगर कुछ राज्य आज भी अड़ी है |
परन्तु राजस्थान में एक तरफ दाम घटाया गया , तो वहीं दूसरी तरफ बिजली में
दाम बढ़ाया गया | समझ से परे सरकार की गतिविधि और जनता का जूझता हुआ घर का
बजट ,जिससे वे कल भी मायूस थे और आज भी मायूस होते हुए जिंदगी जीने पर
मजबूर है | आखिरकार इसका निदान कब और कैसे होगा ? .... ( न्यूज़ / फीचर :-
आदित्या , एम० नूपुर )

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