एक साक्षात्कार Anilbhai H Biscuitwala से एम० नूपुर की कुछ अद्दभुत बातें गुजरात के कैबिनेट मंत्री Purnesh Modi के विषय में - Bhavyashri News
- by Admin (News)
- Feb 27, 2022
गुजरात की धरती सूरत जहाँ तापती नदी की धाराएं बहती है | यहाँ सूर्य पुत्री की आँचल तले ठंढी हवाओं की खुशबु में लोग प्रतिदिन नूर भरी खुशियों से नहाते है | इस धरती पर एक ऐसे पुत्र ने जन्म लिया है जो इनकी गोद में खेलते हुए जमी से लेकर आसमां तक का सफ़र तय किया |
कोई भी शहर यूँ हीं नहीं चमकता और सुदृढ़ होता है जबतक कि रौशनी फैलाने वाला कोई जन्म न ले |
आज भारत के कई राज्य के लोग रोटी की खातिर इस शहर में भी दस्तक देने आते है | यहाँ कोई भूखा नहीं सोता और न कोई खाली हाथ वापस जाता है | इस राज्य के लोग बड़े हीं कोमल ह्रदय और निर्मल मानसिकता वाले होते है |
इन्हीं मानसिकता से परिपूर्ण है गुजरात के कैबिनेट मंत्री पुर्णेश ईश्वरलाल मोदी जिनके विषय में हम बहुत सारी अंदरूनी पन्नो को पलटने वाले है | हमारे साथ बने है उनके मित्र व मुंहबोले भाई सूरत वार्ड नंबर 11 के पूर्व वार्ड पार्षद "अनिलभाई एच बिस्किटवाला" |
इनसे जब हमारी मुलाक़ात हुई तो समझ में आया कि हीरे में इतनी चमक क्यूँ है ? सतरंगी आभा से भरा इनका व्यक्तित्व देखकर हमें बड़ा हीं आनंद आया | कमल के सामान खुशियों से खिला इनका सौन्दर्य , इनके व्यक्तित्व में चार चाँद जड़ता है | ऐसे हीं पुत्र को पाकर धरती पर विकास व प्रकाश फैलता है | तभी वार्ड नंबर 11 में भी अपने कार्यकाल के समय इन्होने विकास और सौन्दर्य का बीज बोया था जो आज खिलता हुआ नजर आ रहा है |
चाय नाश्ते के बाद हमारा सबसे पहला सवाल था -
* बचपन से आप दोनों एक दूसरे के साथ रहे , मंत्री जी ने जमी से आसमान तक का सफ़र कैसे तय किया ? हमारे पाठक जानना चाहेंगे |
मै उन्हें बड़े भईया के तरह मानता हूँ और वह मेरे गुरु भी है | इनसे मैंने बहुत कुछ सीखा है | इनका जन्म 22 अक्टूबर 1965 में सूरत की धरती पर हुआ | कम उम्र में हीं इनके सर से पिता का साया उठ गया था जिससे मध्यमवर्गीय परिवार में प्रहार टूट पड़ा | मगर इन्होने अपने मन को सात्वना देते हुए कड़ी मेहनत की ज्योत से घर में खुशियाँ भरते रहे | छोटी सी उम्र में हीं समय ने इनके मन में समाज व देश के प्रति प्रेम का अंकुर भर दिया था जो दिन व दिन फूटता चला गया और निर्मल विस्तृत सोंच की लहरों में वो आगे बहते चले गए |
वर्ष 2000 से 2005 तक वह सूरत वार्ड नंबर 1 के पार्षद बने | ईमानदारी और निष्ठापूर्वक काम किया | हम आपको बताना चाहेंगे कि - भारतीय जनता पार्टी एक ऐसी पार्टी है जहाँ सिर्फ मेहनत , लगन और देशप्रेम को देखा जाता है , ओहदा के अनुसार छोटा या बड़ा होना नहीं | यहीं कारण है कि बीजेपी उनके जीवन की गति व कार्य को देखकर भाजपा अध्यक्ष के पद पर खड़ा कर दिया और उन्होंने 12 विधानसभा की जीत हासिल की |
2013 में भाजपा ने उनकी मेहनत , लगन और क्षमता को देखते हुए विधानसभा का टिकट दे दिया | भारी मतों से विजयी होते हुए विधायक की कुर्सी पर विराजमान हुए |
फिर समय आया 2017 का , तब भी उन्होंने भारी मतों से विजयी होकर एक बार फिर मेहनत का झंडा गाड़ दिया और कैबिनेट मंत्री के पद पर एक प्रेरणा बनकर विराजमान हुए |
हम दोनों आरंभिक समय में हर विषय - वस्तु विकास के लिए हीं तत्पर रहा करते थे | सूरत के सौन्दर्य को अद्दभुत बनाने में इनका बहुत बड़ा सहयोग व साथ रहा तभी जाकर कुछ वर्षो में इसकी चमक सतरंगी आभा से नहाती जा रही है |
एक ऐसा भी दौड़ आया था जब 2006 में कच्छ में बाढ़ के कारण काफी क्षति हुआ और भूचाल से सारा जीवन अस्त व्यस्त हो गया | उस वक्त प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे और उन्होंने पुर्णेश भाई को देखा था सफाई व असहाय लोगो को मदद करते | सुमार्ग की तरफ बढ़ते हुए उनके कदम , लगन , उनकी मेहनत और स्नेह को देखकर पूछ लिया - आप कहाँ से हो ? उसी वक्त से दोनों की पहचान कई रंगों के स्नेह में बदलता चला गया |
12 साल तक वे गणेश उत्सव के प्रमुख पद पर बने रहे | जिनके पास व्यवस्था नहीं थी उनके लिए भी खड़े रहे | जैसे हमारे प्रधानमंत्री बोलते है - गरीबों को ऊपर लायेंगे तो देश बढ़ेगा | ठीक वैसी हीं सोंच पुर्णेश भाई जी भी रखते है |
पुर्णेश भाई सिर्फ हिन्दू नहीं सभी धर्म वालो को बराबर मान देते है | उनके धनी व्यक्तित्व का यहीं राज है |
* पुर्णेश मोदी जी या आप नेतागण परिवार को कितना समय दे पाते है ? पत्नी के साथ समय का बंटवारा या फिर प्यार भरा नोक झोक का सफ़र कितना दूर तक जाता है ?
मैंने कभी भी उन्हें पत्नी के साथ लड़ते या ऊँची आवाज में बाते करते हुए न देखा है और न हीं सुना | क्यूंकि जब महिला का हाथ होगा तभी पुरुष आगे बढ़ेगा | पुर्णेश भाई के संघर्ष में सबसे बड़ा हाथ उनकी धर्मपत्नी का रहा है | यह बात आँखों देखा है , इसलिए कि उनकी धर्म पत्नी और मेरी धर्म पत्नी दोनों घनिष्ठ सखी भी है | मैंने पुर्णेश भाई को कभी गुस्सा होते नहीं देखा |हाँ कुछ साल से उनकी लड़ाई पत्नी से होती है , वह भी सिर्फ स्वास्थ को लेकर | एक बार उनकी तबीयत लापरवाही से नासाज हुई , तब से उनकी पत्नी उनपर ज्यादा ध्यान देती है | समय व दिनचर्या को लेकर रूटिंग के कारण कभी कभी प्यार भरा नोक झोक हो जाता है , बाकी ये बहुत हीं प्यारे पति और पिता है |
* मंत्री जी के काम करने का तरीका कैसा है ? कितना समय खर्च करते है अपनी योजना व देश के विकास पर ?
अनिलभाई ने मुस्कुराते हुए कहा - पुर्णेश भाई खुद भी सोते नहीं और दूसरो को भी सोने नहीं देते | वे काम में इतना तल्लीन रहते है कि बस रात - दिन काम काम और काम | देश के विकास के लिए रात व दिन काम बढ़ता रहा और इनका समय पर खाना खाने व सोने के लिए धर्म पत्नी से नोक झोक होता रहा | देश की सेवा / व्यवस्था में तो वे कभी कभी खाना खाना हीं भुल जाते है | उनका काम इतना स्पष्ट है कि - पुरे गुजरात में मार्जिंग के हिसाब से वो प्रथम है | विकास की जहाँ बात आती है तो कदम बढ़ाने व सहयोग करने से वो पीछे नहीं हटते है और न ठहरते है , उनके सामने पहले देश |
* गुजरात के लोग उनसे कितना खुश व संतुष्ट है ?
आप स्वयं समझ लीजिये इनमे जीरो क्रप्शन वाले मंत्री की छवि है जो पुरे भारत में बहुत कम हीं मिलेगा | नसीब से मिलता है ऐसा नेता राज्य व देश को जिससे राज्य का भी भला होता है और देश का भी |
* नेता की छवि विस्तृत है फिर घर और देश के बीच आप समय का बंटवारा कैसे करते है ?
हमें दोनों को खुश रखना होता है | घर जो हमारी जड़ है और डाल जिसमे फल लगे हैं , दोनों का बराबर ध्यान रखते हुए चलना पड़ता है | घर को दुखी करके बाहर में ज्योत नहीं जला सकते और बाहर को खुश करने में अपने घर के दीप को बुझाना गुनाह होगा | ऐसे में समझदारी से काम लेते हुए तराजू के दोनों पलरा को मिलाकर चला जाए तो कोई दुखी नहीं होगा |
मंत्री जी भी अपने समय को काफी सोंच समझकर खर्च करते है | प्राथमिकता के आधार पर समय का बंटवारा होता है , मगर पहले राज्य व देश | वैसे भी नेताओं की पत्नी व परिवार यह समझते है कि - हमारा जीवन उनके लिए भी है , इसलिए हमे परिवार का भरपूर साथ व सहयोग मिलता है | प्यार में सबकुछ संभव है और मैनेज हो जाता है , ऐसा सबको करना चाहिए |
* हमारे देश की बेटी कैसी बने ? उसकी उड़ान कहाँ तक और कैसे ?
सर्वप्रथम शिक्षा पर जोर | बेटी को पढ़ाना चाहिए तभी वह आगे बढ़ेंगी |
* आपकी कितनी बेटी है ?
दो बेटी है | एक B.Com करने के बाद शादी हो चुकी है और दूसरी आर्केटेक्ट है | अभी उसे और आगे बढ़ना है |वह अपना खर्च स्वयं निकाल लेती है मुझसे नहीं लेती , इसलिए हर बेटी को स्वावलंबी बनना चाहिए | मैंने अपनी पत्नी को भी काफी स्वतंत्रता दिया है , आज वो बहुत सारी महिलाओं की आवाज बन चुकी है और उन्हें सपोर्ट करती है |
बेटी की बात चली है तो इतना भी कहूँगा कि - माता - पिता जब भी बीमार पड़ते है तो सबसे आगे बेटी खड़ी होती है | इसलिए बेटी के पाँव में बेड़िया नहीं पंख होनी चाहिए जिससे वह उड़ान भर सके |
* मंत्री जी की कितनी बच्ची है ?
उनकी दो लड़की इंजिनियर है और उन्होंने आम लोगो की तरह हीं लोन लेकर उसे पढ़ाया है |
* उनकी सोंच , उनका रहन सहन , उनकी दिनचर्या हमें बताइये ?
उनकी सोंच विस्तृत है और उनका घर हमारे घर से भी छोटा है | मगर ! वहां शांति और खुशियाँ बहुत है , वे इसी से संतुष्ट है | उनके पास कोई अतिरिक्त जमीन नहीं | वे न खाने पीने के शौक़ीन है और न ज्यादा घूमने फिरने का शौक रखते है | ऐसे में उनकी दिनचर्या में न फालतू पैसा खर्च होता है न फालतू समय |
* हमें उनकी रूचि बताइये ?
पुरानी गीतों को सुनना और किताबें पढ़ना , वह भी ज्यादातर स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ा हुआ देश भक्ति |
* उनकी सोंच का एक अद्दभुत व विस्तृत दर्शन जो अजूबा हो बताइये ?
हाँ , 2007 में इंडोर स्टेडियम में उन्होंने पुरे भारत के स्वतंत्रता सेनानियों के परिवार को बुलाकर सम्मान व सत्कार किया था | इससे अच्छी बात और क्या हो सकती है ? सूरत में स्वतंत्रता सेनानी के परिवार को बिठाकर भ्रमण कराया व रैलियां निकाली थी जिसे आप झांकी भी कह सकते है , जिसे देखकर लोगों का दिल बाग़ बाग़ हो उठा और खुशियों से झूम उठा था शहर | जब उनके बच्चे को शहीद हुए वीर सुपुत्र की तरह हीं पगड़ी लगाकर बिठाया गया था |
एक बात और पुर्णेश मोदी जी जब बोलते है तो तालियों की गड़गराहट जल्दी थमती नहीं |
* आपकी पसंदीदा सीरियल व फिल्म ?
तारक मेहता का उल्टा चश्मा और वागले की दुनियां जो अपनी पत्नी के साथ देखता हूँ और फिल्म की बात करे तो "वीर सावरकर" | इस फिल्म को मैंने 5 बार देखा है | मुझे इनकी देशभक्ति बहुत पसंद आती है | भारत के लिए सभी धर्म बराबर है और भारत सभी धर्मो को खुद में समाती है अलग नहीं करती | गलत राजनीति नहीं होनी चाहिए , राजनीति अपने बल पर करनी चाहिए |
* गुजरात में बेटियों के भविष्य का प्लान ? बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ , इसपर आपका या मंत्री जी की सोंच क्या है ?
हमने बेटियों को पढ़ाने में बहुत सपोर्ट किया है | उनके उत्थान के लिए हमने बहुत सारे काम किये और कर रहे हैं | सबसे पहले तो पुर्णेश मोदी जीरो करप्शन नेता है , उनके विषय में तो कोई बोल हीं नहीं सकता | बेटियों को हर तरह से सुविधा व पढ़ाई के लिए अतिरिक्त शिक्षा व्यवस्था हुई है और आगे भी होता रहेगा | हमारे घर की बेटी को भी हमने सही रास्ता देकर मंजिल तक पहुँचाया | देश की बेटी हमारी बेटी है , हम कोई अंतर नहीं करेंगे | गुजरात की वर्तमान स्थिति को गोल्डन बनाने में , बेटियों के भविष्य को इन्द्रधनुषी रंगों में पिरोने के लिए अपनी दिनचर्या को हीं मंत्री जी ने भुला दिया है |
* एक महत्वपूर्ण बात - ऐसी भ्रांति है कि तापती नदी को कई दशक पूर्व किसी अंतर्राष्ट्रीय स्तर के भारतीय व्यक्ति खरीदने की पेशकश की थी , क्या यह सच है ?
अपनी माता को भी कोई बेचता है भला ! हमलोग इनकी पूजा करते है | इनकी आँचल तले जो भी रहेगा सुखी रहेगा | किसी ने अफवाह फैलाया होगा , यह सरासर गलत है |
2006 में जब आपदा आई थी तो सूरत गन्दा हो गया था | परन्तु धीरे धीरे इनके जल से फिर चमक उठा | यह तापती माता के आशीर्वाद का फल है |
* यहाँ का पानी कैसा है ?
बहुत मीठा | स्वास्थ के लिए भी और वातावरण के लिए भी | 5 वर्ष के अन्दर और भी बेहतर होने की संभावना है |
हमारे हर सवाल का जवाब उन्होंने बखूबी व बेझिझक देते रहे | हमारे सवालो पर कोई सवाल नहीं , उनके जवाब में हमारा सवाल शामिल था |
अनिलभाई एच बिस्किटवाले , कैबिनेट मंत्री पुर्णेश मोदी भाई के आइडियल है और उनके पदचिन्हों पर चलना पसंद करते है | उन्होंने सरल तरीके से बोल दिया - देश के लिए बलिदान देना पड़े तो देना चाहिए , तभी प्रजा आपको याद रखेगी अन्यथा धूल में मिलते देर नहीं लगता किसी के नाम को | हर नेता का नाम सुनहरे अक्षरों में लिखा जाना चाहिए , इसके लिए ऐसा बनना भी पड़ेगा और अपने देश को बनाना भी पड़ेगा |मैंने तो पुर्णेश भाई के लिए #24/7 हेल्प टैग लगाया है |
अनिलभाई की बातो से मै पूर्ण रूप से संतुष्ट होती हुई आगे बढ़ी तो उन्होंने घर में मंदिर की तरफ ईशारा करते हुए बोला - बप्पा का दर्शन कर लीजिये | बप्पा का आशीर्वाद लेती हुई मै बाहर निकलने को हुई तो अनिलभाई दरवाजे तक आकर बड़े हीं सरल व सहज तरीके से मुझे विदा किया | मै वहां से लौट आई , यह हमारा एक यादगार साक्षात्कार था जिसमे कोई मिलावट नहीं और इसे भूलना भी संभव नहीं जिसे सहेज कर हम आप तक पहुंचा रहे हैं |
ऐसे नेतागण के विचार , उनकी प्रवृति , उनकी दिनचर्या और सोंच को अपने जीवन में उतारना हीं एक देशभक्ति का परिचय होगा | आप भी इनके रंगों में रंग जाइए और नूर से भर दीजिये अपने व्यक्तित्व को | कर्म हीं पूजा है और सबसे बड़ा धन व अनमोल रत्न भी , यह मानते हुए इन्होने गुजरात के विकास में भर दिए हैं सतरंगी रंग | आप भी इन रंगों की आभा से नहाकर इन्द्रधनुषी रंगों में तर जाइए जिससे एक इतिहास बने और लिखी जाए सुनहरे अक्षरों में नाम हर किसी का | .......... ( साक्षात्कार :- अनिलभाई एच बिस्किटवाला से एम० नूपुर की )

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