अभिनय के जादूगर मनोज बाजपेयी को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से नवाजा गया
- by Admin (News)
- Mar 27, 2021
बॉलीवुड की दुनियां में इन्द्रधनुषी रंग बिखेरने वाले सदाबहार अभिनेता मनोज बाजपेयी को बीते सोमवार 67 वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार के तहत फिल्म "भोंसले" के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता की श्रेणी में राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से नवाजा गया है जो सम्पूर्ण भारतवर्ष हीं नहीं विश्व के लिए एक सुखद सन्देश है इसलिए की करोड़ो दिलों के धड़कन बने बाजपेयी को दिल में बिठाने वाले उनके फैंस पूरी दुनियां में भरी पड़ी है |मनोज बाजपेयी हर कीमती कलाकारों के साथ पर्दे पर आकर एक अलग हीं अंदाज में दर्शकों को अपनी तरफ खींचा है |
मालूम हो की फिल्म "भोंसले" को 2018 में कई फिल्म महोत्सव में प्रदर्शित किया गया था जिसे काफी पसंद किया गया व सराहा गया | अपनी एक्टिंग का लोहा मनवाने वाले मनोज बाजपेयी एक बहुत हीं सरल , सुलझे व शांत प्रवृति के उम्दा कलाकार है जिसमे छलावा व घमंड का कहीं ठहराव नहीं | आसमान को छू लेने के बाद भी वो बहुत सिंपलसिटी के करीब है और अक्सर उनका व्यक्तित्व / कृतित्व एक नई इन्द्रधनुषी रंग बिखेरती है शब्दों में , आँखों में , मुस्कान में , आदाओं में और उनमें बिहार / भारत की संस्कृति की खुशबू लगातार मौजूद रहती है |
जमीनी अभिनेता कहे जाने वाले मनोज बाजपेयी आरंभिक दौड़ से हीं अपने एक्टिंग के जादू से दर्शकों के दिलों में पंच मारकर शामिल हो गए थे जिससे उनके एक्टिंग का नशा विश्वस्तर पर रौशनी बिखेरती हुई गुलाब व रजनीगंधा के समावेश की तरह खुबसूरत बनकर लोगों को अपनी तरफ आकर्षित करती रही है |
अभी हाल ही में प्रदर्शित फिल्म "सूरज पे मंगल भारी" में वह हर अदाओं में भारी पड़ते नजर आयें है | इन्होनें अपना फ़िल्मी कैरियर 1994 में शेखर कपूर द्वारा निर्देशित अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त फिल्म "बैंडिड क्वीन" से आरंभ किया था और उन्हें पहचान मिलनी शुरू हुई फिल्म "सत्या" से | यह फिल्म रामगोपाल वर्मा द्वारा निर्देशित फिल्म थी , इस फिल्म में बाजपेयी बहुत भारी पड़े थे और इस फिल्म के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ सह - अभिनेता का राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिला था |
बिहार के इस होनहार बेटे का जन्म 23 अप्रील 1969 को नरकटियागंज में हुआ था | कहते है होनहार बच्चे का लक्षण पलने में हीं दिखाई पड़ जाता है और यह सौ फीसदी सच साबित हुआ | एक बार फिर उन्होंने यह पुरस्कार पाकर साबित कर दिया कि बिहार की मिट्टी में एक अलग हीं अद्भुत खुशबू है जो बहुत दूर तलक पहुँच कर लोगों को आनंदित व प्रफुल्लित करती है | बुलंदी पर पहुँचने वाले मनोज बाजपेयी को "भव्याश्री" व सम्पूर्ण भारतवर्ष की तरफ से ढेरों शुभकामायें | .......( न्यूज़/फीचर :- नूपुर की कलम से )

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