भोजपुरी गायक विष्णु ओझा कोरोना को हराकर , घर वापस आये
- by Admin (News)
- May 05, 2021
कहा गया है - "जाको राखे साइयां , मार सके न कोय" इन्हीं शब्द मेल के तर्ज पर , बिहार भोजपुरी के बहुचर्चित लोकगीत गायक विष्णु ओझा कोरोना वायरस को हराकर अपने घर आ चुके हैं | कोरोना संक्रमण होने के बाद उन्हें पटना के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था |
बीते 12 अप्रैल को वे संक्रमित हुए , जब वे लगातार 3 दिनों तक अपनी गायकी का प्रोग्राम बिहार के आरा , बिहटा और पटना में करते रहे | सांस्कृतिक प्रोग्राम के दौरान अधिक परिश्रम करने के बाद संक्रमित हुए , या फिर भीड़ की अधिकता में एक दूसरे शहर व जिले में घुमते रहने के कारण भी ऐसा हुआ , यह माना जा सकता है |
जाँच के बाद तबीयत बिगड़ने पर उनकी हालत को देखते हुए उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया | बीमारी की सूचना मिलने के बाद गायक विष्णु ओझा के शुभचिंतकों ने इस बात को सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया |
जिसके बाद स्थानीय सांसद सह केन्द्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अश्विनी चौबे को जानकारी मिली और मंत्री जी के प्रयास पर , AIMS पटना में उन्हें भर्ती कराया गया |
डॉक्टर व स्वयं के हौसला व कोशिश से 18 दिनों के लगातार प्रयास के बाद उन्हें बचाया जा सका और कोरोना ने उन्हें मुक्त कर दिया | अभी विष्णु ओझा जी को थोड़ी - बहुत कमजोरी है , जो पौष्टिक खान - पान के बाद मजबूती आ जाएगी | डर भाग गया तो लाखो उपाय |
अनुभवी विष्णु ओझा ने कहा है कि - अगर संक्रमण की बीमारी हो तो , समय रहते इलाज करने से जिंदगी बचाई जा सकती है | उन्होंने लिखा - फिलहाल वे अपने शुभचिंतकों के प्यार - दुलार और हौसला के बल पर मैंने कोरोना को हराया और नई जिंदगी मिली |
विष्णु ओझा को फैंस की दुआ बचाई और उन्हें एक नई जिंदगी मिली है | इसे कहते है मन के हारे हर है और मन के जीते जीत और मेरा भी मानना है भय बड़ी या प्रीत | तो ! हमेशा भय पर प्रीत की हीं जीत होती आई है और होती रहेगी | कभी भी अपने मनोबल को तोड़िये मत , आपके पास मनोबल वो सबसे बड़ा हथियार है , जिससे आप बड़ी से बड़ी समस्या का समाधान आसानी से कर सकते हैं | ....... ( न्यूज़ / फीचर :- भव्याश्री डेस्क )

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